राजनीति

पीएम मोदीक ‘सप्तधारा विजन’ विकसित भारतक रोडमैप : संबित पात्रा

नई दिल्ली । समदिया

80म स्वतंत्रता दिवसक अवसर पर लाल किलाक प्राचीरसँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘सप्तधारा’क जे अवधारणा प्रस्तुत कयने छलाह, ओहि ‘सप्तधारा’ पर मंगलकेँ भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा विस्तृत रूपसँ चर्चा कयलनि। ओ कहलनि जे प्रधानमंत्री मोदी द्वारा निर्धारित ‘सप्तधारा’क लक्ष्ये विकसित भारतक निर्माणक स्पष्ट रोडमैप अछि।

भाजपा प्रवक्ता कहलनि, “कोनो देशक प्रगति लेल एकटा स्पष्ट लक्ष्य होइत अछि। जखनि सही समय पर सही नेतृत्व देशक भविष्य लेल उचित लक्ष्य निर्धारित करैत अछि, तखने देशक भविष्य उज्ज्वल बनैत अछि।”

ओ बतौलनि जे 15 अगस्तक दिन प्रधानमंत्री मोदी ‘सप्तधारा’क लक्ष्य निर्धारित कयलनि, जे विकसित भारतक रोडमैप अछि।

पहिल धारा—मैन्युफैक्चरिंग पावर

संबित पात्रा कहलनि जे पहिल धारा देशक विनिर्माण शक्तिकेँ मजबूत करबाक अछि। एकर उद्देश्य सशक्त घरेलू वैल्यू चेनक निर्माण करब अछि, जाहिसँ कच्चा मालसँ लऽ कऽ तैयार उत्पाद धरि सम्पूर्ण निर्माण भारतमे होए। भारतमे जीरो-डिफेक्ट, उच्च गुणवत्ताक आ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करऽ योग्य उत्पाद बनाओल जाए आ एहि लेल अत्यन्त प्रतिस्पर्धी कारखाना देशमे स्थापित होए।

अर्थात् कच्चा मालसँ लऽ कऽ अन्तिम उत्पाद धरि सभ किछु भारतमे बनय आ ओ बिना कोनो त्रुटिक, सर्वोत्तम गुणवत्ताक होए।

दोसर धारा—कृषि आ फूड प्रोसेसिंग

दोसर धारा कृषि आ खाद्य प्रसंस्करणसँ सम्बन्धित अछि। एहि अन्तर्गत दलहन आ तिलहनक उत्पादन कोना बढ़ाओल जाए, खेतीक उत्पादकता कोना बढ़य, रासायनिक-मुक्त जैविक खेतीक विस्तार कोना होए आ किसानसभ धरि सस्ता खाद कोना पहुँचय—एहि सभ विषय पर विशेष ध्यान देल जाएत।

तेसर धारा—टेक्नोलॉजी आ इनोवेशन

संबित पात्रा कहलनि जे तकनीक आ नवाचार आइ भारतकेँ आगाँ बढ़ा रहल अछि। ओ कहलनि, “आइ भारत अन्तरिक्ष क्षेत्रमे कतेक आगाँ पहुँचि गेल अछि। जे भारत पहिने अन्तरिक्षक विषयमे विशेष चर्चा नहि करैत छल, ओ आइ अन्तरिक्ष क्षेत्रमे नवाचार कऽ रहल अछि। क्वांटम टेक्नोलॉजी आ एआईक क्षेत्रमे सेहो भारत आगाँ बढ़ि रहल अछि।”

ओ कहलनि जे आइ भारतक एकटा प्रमुख लक्ष्य अपन डेटा सेंटर विकसित करब अछि, जाहिसँ देशक डेटा अपनहि देशमे सुरक्षित रहि सकय।

यूपीआई आ डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर

यूपीआईक मुद्दा पर संबित पात्रा कांग्रेस पर निशाना साधलनि। ओ कहलनि जे लोकसभ पहिने यूपीआईक मजाक उड़बैत छल, मुदा आइ एकरा 10 वर्ष पूरा भऽ गेल अछि। आइ लोकसभ डीपीआई अर्थात् डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चरक मजाक उड़ा रहल छथि, मुदा आगाँ चलि कऽ इहो भारतक सफलताक एकटा पैघ कथा बनत।

ओ कहलनि, “पी. चिदंबरम यूपीआईक मजाक उड़ौने छलाह, मुदा हम यूपीआईक आँकड़ाक संग तैयार छी। राहुल गांधी शायद एहि बातकेँ नहि बुझि सकताह। आइ यूपीआई अपन 10 वर्ष पूरा कऽ लेने अछि आ ई दुनियाक सबसँ पैघ रियल टाइम पेमेंट सिस्टम बनि गेल अछि। ई भारतक शक्ति अछि।”

ओ कहलनि जे डीपीआईक वास्तविक सफलता तखनि होएत, जखनि प्रत्येक छात्र घर बैसल सर्वोत्तम शिक्षकसभसँ उत्तम शिक्षा प्राप्त कऽ सकत।

गति शक्ति आ तेज कनेक्टिविटी

‘गति शक्ति’क माध्यमसँ कनेक्टिविटीक विस्तार आ परिवहनकेँ तेज करबाक दिशामे काज होएत। एहि अन्तर्गत हाई-स्पीड रेल, अत्याधुनिक राजमार्ग, अन्तर्देशीय जलमार्ग, उन्नत हवाई अड्डा, हाइड्रोजन पावर ट्रेन आ स्वच्छ ऊर्जाक संग अन्तरराष्ट्रीय परिवहन व्यवस्थाक सहज एकीकरण शामिल अछि।

रक्षा शक्ति

रक्षा क्षेत्रक चर्चा करैत संबित पात्रा कहलनि जे एयर स्ट्राइक आ सर्जिकल स्ट्राइक भारतक रक्षा शक्ति आ एहि क्षेत्रमे भेल परिवर्तनकेँ देखबैत अछि।

ओ कहलनि, “एक समय छल जखनि नेतृत्व सीमा पर सड़क धरि नहि बनबैत छल। ओहि समयसँ आइ धरि भारत रक्षा क्षेत्रमे बहुत आगाँ बढ़ल अछि। आइ भारतक एक-एकटा रक्षा उत्पाद विश्व बजारमे अपन विश्वसनीयताक संग ठाढ़ अछि। हम गर्वसँ कहि सकैत छी जे भारत रक्षा क्षेत्रमे आत्मनिर्भर बनि रहल अछि।”

ओ कहलनि जे पहिने भारत रक्षा सामग्रीक आयात करैत छल, मुदा आइ निर्यात सेहो कऽ रहल अछि। भारतीय उत्पाद अपन क्षमता आ विश्वसनीयताक बल पर वैश्विक बजारमे पहुँचि रहल अछि।

ग्रीन इकोनॉमी आ ब्लू इकोनॉमी

ग्रीन इकोनॉमी आ ब्लू इकोनॉमीक अन्तर्गत सौर ऊर्जाक उपयोग पर विशेष जोर देल जा रहल अछि। संबित पात्रा कहलनि, “कखनो हम नहि सोचने रही जे सौर ऊर्जासँ घरमे रोशनी कऽ सकब आ ‘सूर्य घर योजना’क माध्यमसँ आमदनी सेहो करब।”

सातम धारा—सॉफ्ट पावर

‘सप्तधारा’क सातम आ अन्तिम धारा सॉफ्ट पावर अछि। एहि अन्तर्गत योग, आयुर्वेद, सांस्कृतिक पर्यटन, हस्तशिल्प, सिनेमा, वीएफएक्स, गेमिंग आ वेव समिट आदि शामिल अछि।

ओ कहलनि, “कहियो हम सोचने रही की, जे अमेरिकासँ लऽ कऽ दूर-दराजक द्वीप धरि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मनाओल जाएत ? आइ ई सभ भारतक सॉफ्ट पावरक विस्तारक परिणाम अछि आ ‘सप्तधारा’क एहि दृष्टिकोणसँ विकसित भारतक निर्माण सम्भव होएत।”

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