मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान

एगारहम दिनक ऑनलाइन कार्यक्रमे सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर बल, मिथिला भाषा रामायणक सुन्दरकाण्ड पाठ

निज समदिया

मिथिलाक्षर पक्षक सोम, ०५ अक्टूबरकेँ मिथिलाक्षर साक्षरता अभियानक १३म स्थापना दिवसक उपलक्ष्यमे जारी ऑनलाइन कार्यक्रममे एगारहम दिन सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर बल देल गेलै।

विदित होए जे क्रमशः लिपि आ भाषाक पुनर्जागरणक संग अभियान आब सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियानक सेहो आगाज कयलक अछि। ताहि क्रममे सोमक रात्रिक कार्यक्रममे शास्त्री द्वारा पं. चंदा झा’क मिथिला भाषा रामायणक सुन्दरकाण्डक किछु पाठ प्रस्तुत कयल गेल, जे खास कऽ नवीन पीढ़ीक लेल एकटा नवीन सन प्रेरणा अछि।

आगू डा० विनय कर्ण पटनासॅं आ संरक्षक देवेन्द्र झा फरीदाबादसॅं जुड़ि मिथिला मैथिली, मैथिली लिपि परिचर्चामे अपन-अपन विचार राखलैन। डा० विनय कर्ण मैथिली कविता जय जय मिथिला केर प्रस्तुति कयलनि। देवेन्द्र झा अपन स्वयं रचित कविता मिथिलाक धरती बनि गेल परती, केर प्रस्तुति कयलनि। देवेन्द्र झा कार्यक्रमक बिचमे किछु हास्य चुटकुला सेहो सुनौलनि।

कार्यक्रमक अंत मे शास्त्री भोला बाबाक भजनसॅं कार्यक्रमकेँ विराम देलैनि। कार्यक्रम सोशल मीडिया पर ‘मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश’क माधृयमसँ लाइव चलि रहल छल।जाहिमे श्रोता गणक सुंदर-सुंदर कामेंट उत्साहित करयवाला छल।

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