आजुक पंचांग आ राशिफल
आजुक पंचांग (सूर्योदयकालीन) आ साप्ताहिक व्रत पावनि-तिहार
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दिनांक : ३०-०६-२०२६
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विक्रम संवत : २०८३
शकाब्द : १९४८
सन् : १४३३ साल
सौर दिनांक : १६-०३-२०८३/१९४८
तिथि : आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा
दिन : मंगल
नक्षत्र : पूर्वाषाढ़ा
योग : ब्रह्म
करण : बालव
चन्द्र राशि : धनु सूर्य राशि : मिथुन
साप्ताहिक व्रत पावनि-तिहार
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०२-०६-२०२६ : मैथिल वैवाहिक सभा आरंभ
०३-०६-२०२६ : गणेश चतुर्थी व्रत (संकष्टी), भदबा आरंभ दिन १०:३७ उपरांत
३०-०६-२०२६, मंगल
आजुक राशिफल :-
(ज्यो. पं. अजय नाथ झा शास्त्री )
मुख्य प्रभावी ग्रह : बुध
मेष (चू चे चो ला ली लू ले लो आ) : अनुकूल ग्रह –
संयमपूर्वक अनुकूलताक प्रतीक्षा करु। सहनशीलता उत्तम। अपन काजमे लागल रही, विवादसँ दुर रहय केर चेष्टा करी। सतत हनुमत आराधना कल्याणकारी।
वृषभ (इ उ ए ओ वा वी वू वे वो) : अनुकूल ग्रह –
अपना आपकेँ नियंत्रित करय केर अभ्यास करैत रही।सहनशीलता उत्तम औषधि होइछ, सभ तरहक समय आखिर बीत जाइते छैक। सतत हनुमत आराधना कल्याणकारी।
मिथुन (का की कू घ गं छा के को हा) : अनुकूल ग्रह – चंद्र
समय अनुकूल अछि। मनोकामनाक पूर्ति संभव। आलस्यसँ बँची, सावधानी पूर्वक अपन काजमे आगू बढ़ैत रहू। सतत हनुमत आराधना कल्याणकारी।
कर्क (ही हू हे हो डा डी डू डे) : अनुकूल ग्रह – चंद्र
समय सुधरयवाला अछि। अपन काजमे मोन लगाबी। आशा सफलीभूत होबाक हेतु अग्रसर अछि। सतत हनुमत आराधना कल्याणकारी।
सिंह (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) : अनुकूल ग्रह :
धीरजपूर्वक अनुकूलताक प्रतीक्षा करी। कठिन परिश्रमसँ लाभ संभव। सहनशीलता लाभदायक होयत। सतत हनुमत आराधना कल्याणकारी।
कन्या (टो पा पी पु षा णा ठा पे पो) : अनुकूल ग्रह –
अनुकूलताक प्रतीक्षा करु, तन्मयतापूर्वक अपन काजमे लागल रही, अनावश्यक दखल अंदाजीसँ बँची। सतत हनुमत आराधना कल्याणकारी।
तुला (रा री रु रे रो ता ती तू ते) : अनुकूल ग्रह – चंद्र
अनुकूल समय अछि। आमदक स्थित उत्तम। कर्मठतासँ लाभ, बन्धु बान्धवमे प्रसन्नता। सतत हनुमत आराधना कल्याणकारी।
वृश्चिक (तो ना नी नू ने नो या यी यू) : अनुकूल ग्रह –
औसत अनुकूल समय रहत, अपन काजमे लागल रही, अनावश्यक दखलसँ बँची। सतत हनुमत आराधना कल्याणकारी।
धनु (ये यो भा भी भू धा फा ढा) : अनुकूल ग्रह – चंद्र
समयमे अनुकूलता आओत। आमदमे वृद्धिक योग अछि। उत्साहमे वृद्धिसँ मोन आशान्वित रहत। सतत हनुमत आराधना कल्याणकारी।
मकर (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) : अनुकूल ग्रह –
सहनशीलता धारण कयने रहू। अपन काजमे यत्नपूर्वक लागल रही। बाहरी दखल अंदाजी आ अंतर्कलहसँ बँची। सतत हनुमत आराधना कल्याणकारी।
कुंभ (गू गे गो सा सी सू से सो दा) : अनुकूल ग्रह – चंद्र
अभिलाषाक पूर्ति एवं अनुकूल समयक आगमन । आमदमे वृद्धिक योग अछि। काज-धंधामे मोन लागत। आशान्वित एवं उत्साहित रहब। हनुमत आराधना कल्याणकारी।
मीन (दी दू झा ज्ञा था दे दो चा ची) : अनुकूल ग्रह – चंद्र
अनुकूलताक प्रवेश। आमद संतोषजनक। मोनमे आशा एवं उत्साह। प्रतीक्षाक उपरांत लाभ संभव। सतत हनुमत आराधना कल्याणकारी।
ॐ त्रयम्बकेश्वराय नमः
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