मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान

मिथिलाक्षर पक्षक तेरहम दिन ‘मिथिलाक्षरक दशा ओ दिशा पर चर्चाक संग झमकौआ कार्यक्रम

निज । समदिया

मिथिलाक्षर पक्षक बुध, ०७ अक्टूबरकेँ मिथिलाक्षर साक्षरता अभियानक १३म स्थापना दिवसक उपलक्ष्यमे जारी ऑनलाइन कार्यक्रममे तेरहम दिन मिथिलाक्षरक दशा ओ दिशा पर चर्चा भेल। अभियानक एकटा सशक्त स्तम्भ समाजसेवी डाॅ विनय कर्ण वर्तमानक वास्तविकतासँ परिचय कराबैत निराकरणक राह देखेलौनि।

चर्चामे शास्त्री मिथिलाक्षरक क्रमिक विकासक चर्चा करैत १९म शताब्दीक उत्तरार्द्धमे मिथिलामे देवनागरी लिपिक आगमनक संग मिथिलाक्षरक क्रमशः विलुप्तता आ पुनः एक्कैसम शताब्दीमे मिथिलाक्षर साक्षरता अभियानक माध्यमसँ चमत्कारी ढंगसँ मिथिलाक्षरक उदय पर प्रकाश देलनि।

संगहि संग बुधक ऑनलाइन सांस्कृतिक कार्यक्रममे उत्कृष्ट संरक्षक देवेन्द्र झा फरीदाबादसॅं, संरक्षक इन्द्रदेव चौधरी सरसों पाही नवटोलियासॅं, सुनीता ठाकुर मुम्बईसॅं, निर्देशक सुधीर यादव दिल्लीसॅं, संरक्षक प्रदीप कुमार मल्लिक पटनासॅं सम्मिलित छलाह/ छलीह।

कार्यक्रमे इन्द्र देव चौधरी मगवतीक गीत ‘हे मैया अहां बसै छी मिथिला नगरी उच्चैठमे’ गओलनि। आगाइइन्द्र देव चौधरी मगवतीक गीत ‘घर उजरल टुटल असोरामे, झिझरी गीत ‘तोहरे भरोसे ब्रह्म बाबा झिझरी बनेलिए,’ गीतक सुन्दर प्रस्तुत देलनि।

संरक्षक प्रदीप कुमार ‘स्वागत अहांके जी जानसॅं पाहुन’, ‘अचिकेमे देखलहुं एक सपना’ गीतक प्रस्तुत कयलैन। सुनीता ठाकुर महेशवाणी ‘आजु नाथ महा सुख लागल हे’ प्रस्तुत कयलीह।विनय कर्ण मिथिलाक्षर साक्षरता अभियानक स्थापना दिवसक बारेमे अपन नीक विचार राखलैन।

सुधीर यादव ‘धूप दीप माला लय के’, ‘ पिया मोर बालक हम तरुणी हे प्रस्तुत देलैन। देवेन्द्र झा स्वयं रचित भगवती गीत ‘माय गे हमरो टेहलुक बनाले करबो तोहर सबटा काज गे प्रस्तुत कयलनि आ चुटकुला हुनक जारी रहल।

कार्यक्रमकेँ विराम इन्द्र देव चौधरी भोला बाबाक गीत ‘नित उठि गौरी शिव के मनाबथि प्रस्तुतीक संग देलनि। कार्यक्रमक विरामक घोषणा डाॅ विनय कर्ण सबकेँ धन्यवाद दैत कयलैन।

कार्यक्रम सोशल मीडिया पर ‘मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश’क माधृयमसँ लाइव चलि रहल छल।जाहिमे श्रोता गणक सुंदर-सुंदर कामेंट उत्साहित करयवाला छल।

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