जारी ‘मिथिलाक्षर पक्ष’क नवम दिनक ऑनलाइन कार्यक्रमक मुख्य विन्दु चर्चा-परिचर्चा रहल
निज । समदिया

शनि, ०३ अक्टूबरकेँ मिथिलाक्षर साक्षरता अभियानक १३म स्थापना दिवसक उपलक्ष्यमे जारी ‘मिथिलाक्षर पक्ष’क ऑनलाइन कार्यक्रममे नवम दिनक अभियानीगणक प्रस्तुतिमे मिथिला-मैथिलीक सोहनगर भविष्य लेल चर्चा-परिचर्चा भेल।
कार्यक्रमक चर्चा-परिचर्चामे शास्त्री मधुबनीसॅं, राज कुमार झा मुम्बईसॅं, डा०विनय कुमार कर्ण पटनासॅं , देवेन्द्र झा फरीदाबादसॅं अपन-अपन विचार जे कोना मिथिलाक्षर लिपि, पुरा मिथिलामे पुर्ण रुपे विकसित होयत, तहिना मिथिला क्षेत्रक अस्तित्व संरक्षण कोना होएत, एहि विषय पर सब कियो बहुत सुंदर ढंगसॅं अपन-अपन विचार रखलनि। खास कऽ मुंबईसँ राज कुमार झा, जे शुरुआतेसँ प्रायः अजय नाथ झा शास्त्रीसँ जुड़ल छथि, मैथिल पुनर्जागरण यात्राक संघर्षक बारेमे रोमांचक अनुभव साझा कयलनि।
संगहि राज कुमार झा अपन स्वयं रचित कविता पाठ कयलनि। देवेन्द्र झा सेहो अपन स्वय रचित कविता पाठ कयलनि। डा०विनय कर्ण लाल दास रचित कविता पाठ कयलनि। सुधीर यादव ‘मिथिलाक धिया सिया’, ‘मरुआ के रोटी’ मैथिली गीत गौउलनि। इन्द्रदेव चौधरी मातारानीक दुटा तीन गीत गौउलनि। संस्थापक अजय नाथ झा शास्त्री सेहो अपन लिखल मैथिली गीत ‘चेतु सरकार सुनौलनि। अंतमे भोला बाबाक नचारी इन्द्र देव चौधरी गौउलनि। उद्घोषक देवेन्द्र झा सब गोटेकेँ धन्यवाद दैत सांस्कृतिक कार्यक्रमकें विराम देलनि।
