पश्चिम एशिया संकट महँगाई सँ लऽ कऽ कम आर्थिक वृद्धि धरि, वैश्विक अर्थव्यवस्थाकेँ कतेको विधिसँ करत प्रभावित: आईएमएफ
नई दिल्ली । समदिया

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) कहलक अछि जे अमेरिका-इज़रायल आ ईरान केर बीच भऽ रहल युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्थाकेँ कतेको विधिसँ प्रभावित कऽ सकैत अछि, मुदा एक्कहि परिणाम होयत—महँगाई बढ़त आ आर्थिक विकास धीरे पड़त। आईएमएफक मुताबिक, मध्य पूर्वमे चलि रहल ई युद्ध नहि केवल ओहिठामक लोकक जिनगी आ आजीविकाकेँ प्रभावित कऽ रहल अछि, अपितु दुनियाक कतेको अर्थव्यवस्थाक लेल सेहो चिंता केर कारण बनि गेल अछि, जे पहिनेसँ पूर्ववर्ती आर्थिक चुनौतीसँ उबरबाक प्रयास कऽ रहल छल। आईएमएफ कहलक अछि जे ई संकट सम्पूर्ण दुनियाकेँ प्रभावित कऽ रहल अछि, मुदा एकर असरि सभ देश पर समान नहि अछि। ऊर्जा आयात करनिहार देश बेसी प्रभावित भऽ रहल छथि, गरीब देश पर बेसी दबाव अछि आ जकरा आर्थिक भंडार कम अछि, ओ अधिक कठिनाईमे अछि। एशिया आ यूरोप केर पैघ ऊर्जा आयातक देश ईंधन आ अन्य इनपुट लागत बढ़लासँ सभसँ बेसी प्रभावित भ’ रहल अछि। दुनियाक करीब 25-30 प्रतिशत तेल आ 20 प्रतिशत एलएनजी केर सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्यसँ होइत अछि, जे एशिया आ यूरोपक खगता केर पूरा करैत अछि। आईएमएफ कहलक जे अफ्रीका आ एशियाक बहुत रास देश, जे तेल आयात पर निर्भर अछि, आब बढ़ल कीमतक बाबजूद सेहो पर्याप्त आपूर्ति पएबामे कठिनाई बुझि रहल अछि। संस्था चेतावनी देलक जे मध्य पूर्व, अफ्रीका, एशिया-प्रशांत आओर लैटिन अमेरिकाक बहुत हिस्सामे भोजन आ उर्वरक केर दर बढ़लासँ अतिरिक्त दबाव बनि रहल अछि। खास क’ गरीब देश सभमे भोजन संकट केर खतरा बढ़ि सकैत अछि आ हुनका बाहरी मददिक खगता पड़ि सकैत अछि। आईएमएफकेँ मुताबिक, जँ ई युद्ध छोट रहत त’ तेल आ गैस केर दाम अनचोकेमे बढ़ि सकैत अछि, मुदा जँ ई लंबा समय धरि चलैत रहल त’ ऊर्जा केर कीमत लगातार उच्च रहत, जाहिसँ आयात पर निर्भर देश सभक स्थिति आओरो खराब भ’ सकैत अछि। एशियाक बड़का निर्माण करऽवला देश सभमे ईंधन आ बिजली केर बढ़ैत कीमतसँ उत्पादन लागत बढ़ि रहल अछि आ लोकक खरीद शक्ति पर प्रभाव पड़ि रहल अछि। किछु देश सभमे भुगतान संतुलन पर सेहो दबाव देखाइत अछि, जाहिसँ हुनक मुद्रा कमजोर भ’ रहल अछि। युरोपमे ई संकट 2021-22 केर गैस संकट जेकाँ स्थिति पैदा कऽ सकैत अछि। इटली आ यूनाइटेड किंगडम (यूके) जेकाँ देश बेसी प्रभावित भऽ सकैत अछि, जखनिकि फ्रांस आ स्पेन जेकाँ देश अपन परमाणु आ नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता केर कारण अपेक्षाकृत सुरक्षित अछि। ई युद्ध केवल ऊर्जा क्षेत्र नहि, अपितु दोसर जरूरी आपूर्ति चेन केर ओ प्रभावित कऽ रहल अछि। जहाजक रस्ता बदलैक कारण ट्रांसपोर्ट आ बीमा लागत बढ़ि रहल अछि आ सामान पहुँचयमे बिलम्ब भऽ रहल अछि। आईएमएफ इहो बतौलक अछि जे खाड़ी क्षेत्र दुनियामे हीलियम केर बेसी सप्लाई करैत अछि, जे सेमीकंडक्टर आ मेडिकल उपकरणमे उपयोग होइत अछि। ओहिठाम, इंडोनेशियाकेँ निकेल प्रोसेस करबा लेल जरूरी सल्फर केर कमीसँ जूझऽ पड़ि सकैत अछि। पूर्वी अफ्रीका केर ओ देश जे खाड़ी देश सभ पर व्यापार आ रेमिटेंस लेल निर्भर अछि, हुनका सेहो कमजोर मांग, लॉजिस्टिक समस्या आ कम पैसा पठेबाक असर सहऽ पड़ि सकैत अछि। आईएमएफ चेतावनी देलक जे जँ ऊर्जा आ खाद्य कीमत दीर्घकाल धरि उच्च रहैत अछि, तँ एकर कारणसँ संपूर्ण दुनियाँमे महंगाई बढ़त। एकर अलावे, ई युद्ध वित्तीय बाजारकेँ सेहो प्रभावित कयने अछि। वैश्विक शेयर बजार सभमे गिरावट आयल अछि, बाॅण्ड यील्ड बढ़ल अछि, आ बजारमे उतार-चढ़ाव बढ़ि गेल अछि। तैयो, एखनि धरि ई गुरकब पछिला पैघ वैश्विक संकट सभक अपेक्षामे सीमित अछि, मुदा एकर कारण वित्तीय परिस्थिती कठोर भऽ गेल अछि। आईएमएफ कहलक जे एहि स्थितिसँ निबटबाक लेल देश सभकेँ सही नीति अपनाबए पड़त। जकरा लग कम संसाधन अछि, ओकरा खास कऽ सतर्क रहबाक आवश्यकता अछि। आईएमएफक प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा कहली, ‘अनिश्चित दुनियामे बेसी देश सभकेँ हमर समर्थनक खगता अछि आ हम हुनकर संग छी।’
